दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर
सिंह गाड़ेगांवलिया) ।
पश्चिमी दिल्ली
के ज्वालापुरी के बी ब्लॉक
में गुरुवार 1 अक्टूबर 2026 को शाम एक
30 से 40 साल पुराना जर्जर मकान की छत अचानक
भरभरा कर गिर गई। घटना के वक़्त पिता-पुत्र घर में थे
और मलबे में दब गए। सुचना मिलने पर पुलिस, दमकल और अन्य राहत एजेंसियों ने मौके पर
पहुंचकर संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और पिता-पुत्र दोनों को मलबे से बाहर
निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान पिता शमशुल की मौत हो गई, जबकि घायल
25 वर्षीय बेटे शोएब का उपचार जारी है।
इसे
भी क्लिक कर पढ़े :
हैदराबाद विश्वविद्यालय
में विकास क्षितिज का लोकार्पण
स्थानीय निगम पार्षद के पति संतोष पप्पू छिलवाल घटना स्थल पर पहुँच कर मिडिया को बताया, "आज जो हादसा हुआ, उसके लिए हमें बहुत दुख है और इस परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। यह परिवार इस मकान के पिछले हिस्से में रेनोवेशन का काम करवा रहा था और इसके लिए दो मजदूर लगाए गए थे। पीछे कुछ छोटे-मोटे तोड़-फोड़ का काम किया जा रहा था। इस दौरान वहां कुछ मलबा और ईंटें जमा हो गईं, जिसकी वजह से मकान पर लगातार अतिरिक्त भार बढ़ता गया। यह मकान लगभग 30 से 40 साल पुराना है और टी-आयरन व गाटर पर बना हुआ था। टी-आयरन और गाटर कमजोर होने के कारण वे अतिरिक्त भार नहीं झेल पाए और मकान ढह गया।"
घटना
स्थल पर दिल्ली सिविल डिफेन्स ज्वालापुरी
डिवीज़न से इंदरजीत चौहान, मीनू और देवेंद्र कुमार मौके पर पहुंचकर बचाव व राहत कार्यो
में सहयोग किया।

0 Comments