किर्गिस्तान
में आयोजित 13वीं विश्व स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत का परचम लहराया,
लगातार तीसरी बार बनीं वर्ल्ड चैंपियन
दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर
सिंह गाड़ेगांवलिया) l
सीकर / जयपुर।
हौसले बुलंद हो तो गांव
की गलियों से भी विश्व
विजय तक का सफर
तय किया जा सकता है।
इसे सच कर दिखाया
है सीकर जिले के रायपुरा गांव
की बेटी अर्चना बिलोनियां ने।
किर्गिस्तान
की इस्सिक-कुल झील के किनारे 8 से
12 सितंबर तक आयोजित 13वीं
विश्व स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप में अर्चना ने +72 किलोग्राम महिला वर्ग में दो स्वर्ण पदक
जीतकर इतिहास रच दिया। इसी
के साथ उन्होंने इस चैंपियनशिप का
सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित खिताब
'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' भी
अपने नाम कर लिया है।
इस
विश्व चैंपियनशिप में दुनिया भर के 250 से
अधिक महिला और पुरुष खिलाड़ियों
ने हिस्सा लिया था, जिसमें अर्चना ने सभी को
पीछे छोड़ते हुए भारत, राजस्थान, सीकर और अपने गांव
रायपुरा का नाम पूरे
विश्व में रोशन किया।
भारतीय
टीम के कोच संदीप
कड़वासरा ने बताया कि
अर्चना पिछले 3 साल से लगातार भारतीय
टीम का हिस्सा हैं
और यह उनकी लगातार
तीसरी विश्व चैंपियनशिप जीत है।
साधारण परिवार,
असाधारण
हौसला
अर्चना
एक साधारण किसान परिवार से आती हैं।
उनके पिता बंसीलाल और माता मोहिनी
देवी ने सीमित संसाधनों
में भी बेटी के
सपनों को कभी कम
नहीं होने दिया। अर्चना वर्तमान में जयपुर में रहकर कोच उदयभान सिंह और रितु चौधरी
के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं।
इस विश्व खिताब के लिए उन्होंने
एक साल तक सुबह-शाम
कड़ी मेहनत की थी।
इस
गौरवमयी उपलब्धि पर राजस्थान स्ट्रेंथ
लिफ्टिंग एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी
चंद्रेश सोनी सहित पूरे खेल जगत ने अर्चना को
बधाई दी है। अर्चना
14 सितंबर को जयपुर लौटेंगी,
जहां उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
अर्चना
बिलोनिया रैगर किर्गिस्तान से दो स्वर्ण
पदक व वर्ल्ड रिकॉर्ड
चैंपियनशिप ट्रोफी के साथ रशिया
से अपने पैतृक गांव रायपुरा रोनोली 17 सितम्बर सुबह 9 बजे पहुंचने पर रानोली बस
स्टैंड पर सर्व समाज
द्वारा अर्चना का अभिनन्दन व
मान सम्मान किया जाएगा, जिसमें आप सभी सादर
आमंत्रित हैं।
निश्चित तौर
पर
रायपुरा
की
बेटी
की
यह
उड़ान
प्रदेश
और
समाज की हर
बेटी
के
लिए
प्रेरणा
है।

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