दिल्ली , समाजहित एक्सप्रेस ( रघुबीर
सिंह गाड़ेगांवलिया ) । गृह
मंत्रालय के अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं गृह रक्षक महानिदेशालय की ओर से भारतीय
सेना के समन्वय में दिल्ली कैंटोनमेंट में ‘ट्रेन विद योर आर्मी कैंप’
के तहत 50 सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स के लिए 3 दिवसीय विशेष पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम
(22-24 अक्टूबर 2026) का सफल आयोजन किया गया।
प्राप्त जानकारी
के मुताबिक इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्देश्य सेना की विशेषज्ञता और सिविल डिफेंस
के स्वयंसेवक नेटवर्क को जोड़कर आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, राहत-बचाव
और नागरिक-सैन्य समन्वय की क्षमता बढ़ाना है।
प्रशिक्षण
के दौरान आधुनिक और हाइब्रिड युद्ध, ड्रोन से जुड़े खतरे तथा हवाई हमलों की स्थिति
में नागरिक सुरक्षा की तैयारी जैसे विषय शामिल रहे। इसका मकसद स्वयंसेवकों को खतरों
के प्रति जागरूक करना और संकट के समय सुरक्षित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार
करना है। कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, घायलों
की देखभाल, खोज एवं बचाव अभियान और रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल तथा परमाणु
(CBRN) खतरों के प्रति जागरूकता पर भी प्रशिक्षण दिया गया । इसके अलावा आपातकालीन संचार
व्यवस्था, साइबर सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी सावधानियों, डिजिटल प्रणालियों की मजबूती,
नागरिक-सैन्य समन्वय और संकट के दौरान घटनास्थल पर कमान एवं नियंत्रण जैसे विषयों पर
भी जोर दिया गया ।
इस योजना
की अहम विशेषता इसका मास्टर ट्रेनर मॉडल है। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक प्रशिक्षित
मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने क्षेत्रों में 100 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देंगे। इस मॉडल
के जरिए सीमित समय में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित
मानव संसाधन तैयार करने और आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नागरिकों
की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
गृह मंत्रालय
की यह पहल देश में आधुनिक और सक्षम सिविल डिफेंस नेटवर्क विकसित करने की व्यापक योजना
का हिस्सा है। इसका उद्देश्य तकनीक, प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल
के जरिए आपदा तथा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने की तैयारी मजबूत करना है।




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