दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर
सिंह गाड़ेगांवलिया) ।
भारतीय राष्ट्रीय
कांग्रेस के एस. सी.-एस. टी. सांसदों
के फोरम द्वारा 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली
के मावलंकर हॉल (कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया) में
'दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक' का आयोजन किया
गया। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ
नेताओं, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने
भाग लिया तथा सामाजिक न्याय, सम्मान और समानता की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का
संकल्प लिया।
ज्ञात
हो कि यह बैठक
कांग्रेस के एस. सी.-एस. टी. सांसदों के फोरम
द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी के भाषण
मंच के कथित शुद्धिकरण और देशभर में दलितों-आदिवासियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के
विरोध में आयोजित की गई। उत्तराखंड के हल्द्वानी की घटना ने एक बार फिर समाज में मौजूद
जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दलितों और आदिवासियों
का सम्मान कोई कृपा नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है।
इस उच्चस्तरीय
बैठक में लोकसभा सांसद मुकुल वासनिक, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी,
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता व एससी-एसटी
प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में
कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को केवल व्यक्तिगत अपमान न मानकर पूरे दलित और आदिवासी
समाज के सम्मान से जोड़ा। बैठक में देशभर में दलितों-आदिवासियों के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार
के मामलों और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ एक मजबूत देशव्यापी रणनीति बनाने पर विस्तार
से चर्चा की गई।

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