आज के इस खास कार्यक्रम में हमारे साथ मौजूद हैं प्रसिद्ध म्यूजिकल एल्बम 'ब्लैक' के डायरेक्टर योगेश चौधरी जी। जिनके निर्देशन में राधा रानी की भक्ति और प्रेम पर आधारित ये खूबसूरत एल्बम तैयार हुआ है, जो इन दिनों खूब चर्चा में है।
समाजहित एक्सप्रेस
न्यूज़ के ऑफिस में आज हमारे
साथ बेहद खास बातचीत में मौजूद हैं प्रसिद्ध डिवाईन म्यूजिकल एल्बम 'ब्लैक', एल्बम इंडस्ट्री
के जाने-माने और युवाओं के
पसंदीदा डायरेक्टर योगेश चौधरी जी। जिनके निर्देशन में राधा
रानी की भक्ति और प्रेम पर आधारित ये खूबसूरत एल्बम तैयार हुआ है, जो इन दिनों खूब
चर्चा में है। अपने
अनूठे विजुअल्स, बेहतरीन स्टोरीटेलिंग और गानों को
पर्दे पर जीवंत कर
देने की कला की
बदौलत योगेश ने म्यूजिक वीडियो
की दुनिया में एक खास पहचान
बनाई है। आइए जानते हैं उनके इस सफर और
म्यूजिक इंडस्ट्री के अनुभवों के
बारे में।
सवाल: योगेश
जी,
बहुत-बहुत
स्वागत
है
आपका।
सबसे
पहला
सवाल—एक
म्यूजिकल
एल्बम
को
डायरेक्ट
करने
का
ख्याल
आपके
मन
में
कैसे
आया?
इसकी
शुरुआत
कहां
से
हुई?
योगेश चौधरी:
बहुत-बहुत धन्यवाद। मुझे बचपन से ही गानों
और कहानियों का बहुत शौक
था। जब भी मैं
कोई गाना सुनता था, तो मेरे दिमाग
में उसकी एक विजुअल कहानी
चलने लगती थी। मुझे लगा कि सिर्फ 3-4 मिनट
के अंदर एक पूरी कहानी
को संगीत के साथ दिखाना
अपने आप में एक
खूबसूरत कला है। बस इसी पैशन
ने मुझे म्यूजिकल एल्बम्स डायरेक्ट करने की तरफ प्रेरित
किया।
सवाल: एक
फिल्म
को
डायरेक्ट
करने
और
एक
4 मिनट
के
म्यूजिक
वीडियो
को
डायरेक्ट
करने
में
आप
क्या
मुख्य
अंतर
देखते
हैं?
योगेश चौधरी:
फिल्म में आपके पास किरदारों और कहानी को
स्थापित करने के लिए ढाई
से तीन घंटे का लंबा समय
होता है। लेकिन म्यूजिक वीडियो में चुनौती बहुत बड़ी होती है। आपके पास सिर्फ 3 से 4 मिनट होते हैं, जिसमें आपको दर्शकों को बांधना भी
है, गाना भी हिट कराना
है और एक मुकम्मल
कहानी या भावना भी
उन तक पहुंचानी है।
यहाँ हर एक फ्रेम
और सेकंड की अपनी अहमियत
होती है।
सवाल: जब
आप
किसी
नए
म्यूजिकल
एल्बम
पर
काम
शुरू
करते
हैं,
तो
आपके
लिए
सबसे
महत्वपूर्ण
क्या
होता
है—गाने
के
बोल,
म्यूजिक
या
आर्टिस्ट?
योगेश चौधरी:
मेरे लिए सबसे पहले गाने की 'सोल' (आत्मा) मायने रखती है, जो उसके बोल
और धुन से बनती है।
अगर गाना सीधे दिल को छू जाए,
तो विजुअल्स अपने आप दिमाग में
आने लगते हैं। उसके बाद सही आर्टिस्ट का चुनाव करना
बहुत जरूरी है, जो उस गाने
के इमोशन को कैमरे के
सामने बखूबी बयां कर सके।
सवाल: आज
के
डिजिटल
दौर
में
यूट्यूब,
इंस्टाग्राम
रील्स
और
म्यूजिक
ऐप्स
की
वजह
से
हर
दिन
सैकड़ों
गाने
रिलीज
होते
हैं।
ऐसे
में
खुद
को
दूसरों
से
अलग
रखने
के
लिए
आप
क्या
रणनीति
अपनाते
हैं?
योगेश चौधरी:
कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है, इसमें कोई शक नहीं है।
आज दर्शक किसी भी घिसे-पिटे
कॉन्सेप्ट को तुरंत रिजेक्ट
कर देते हैं। इसलिए मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि मैं
लोकेशन, सिनेमैटोग्राफी और स्टोरीलाइन में
कुछ नयापन लेकर आऊं। अगर आपकी कहानी में सच्चाई है और विजुअल्स
शानदार हैं, तो लोग आपके
काम को जरूर नोटिस
करेंगे।
सवाल: बचपन
से
लेकर
अब
तक
के
सफर
में
आपकी
सबसे
बड़ी
प्रेरणा
(Inspiration) कौन रहे
हैं?
योगेश चौधरी:
बचपन से लेकर अब तक के सफर में
प्रेरणा का एकमात्र वास्तविक स्रोत 'श्याम' है यानि ब्लैक। मेरी एल्बम का नाम भी मैंने
सांवरिया को अर्पित किया है। हम सभी भक्ति संगीत और गीत भावनाओं और ऊर्जा को आत्मीयता
से व्यक्त करते हैं, और भक्ति संगीत में उन्हें संप्रेषित करने के लिए हमें श्याम के
प्रति प्रेम को गहराई से और वास्तविक रूप से महसूस करना है। यही सबसे अच्छा तरीका है
जो प्रेरणा देती है।
सवाल: नए
और
उभरते
हुए
डायरेक्टर्स
या
उन
युवाओं
के
लिए
आप
क्या
संदेश
देना
चाहेंगे
जो
इस
फील्ड
में
अपना
करियर
बनाना
चाहते
हैं?
योगेश चौधरी:
मैं बस यही कहूंगा
कि अपने ऑब्जर्वेशन (अवलोकन) को मजबूत रखें।
अपने आसपास की जिंदगी और
कहानियों को करीब से
देखें। तकनीक तो कोई भी
सीख सकता है, लेकिन एक अच्छा विजन
और कहानी कहने का अंदाज ही
आपको दूसरों से अलग बनाएगा।
कड़ी मेहनत करें और अपने काम
के प्रति ईमानदार रहें।
बहुत-बहुत धन्यवाद योगेश चौधरी जी, आपने 'ब्लैक' एल्बम से जुड़ी इतनी सुंदर बातें हमारे पाठको/दर्शकों से साझा कीं। हम आशा करते हैं कि आपका ये एल्बम 'श्याम' और राधा रानी के भक्तों के दिलों में जरूर जगह बनाएगा।


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