दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत द्वारा हरियाली तीज उत्सव का सराहनीयआयोजन रैगर चौपाल में किया गया।

दिल्ली , समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत (पंजीकृत) के तत्वाधान में सताईस जुलाई दो हजार पच्चीस रविवार को रैगर समाज का बाहुल्य क्षेत्र करोल बाग मे राजस्थानी संस्कृति के प्रतीक तीज के त्योहार को जीवन्त रखने के उद्देश्य से बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ हरियाली तीज उत्सव का सराहनीयआयोजन रैगर चौपाल में किया गया। आस्था, उमंग, सौंदर्य और प्रेम का यह हरियाली तीज उत्सव शिव-पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। हरियाली तीज मुख्य रूप से उत्तर भारत में, विशेषकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा में मनाई जाती है ।

सनातन परंपरा में इस दिन सुहागिन महिलायों द्वारा मेहँदी रचाने के पश्चात् अक्सर अपने कुल की अपने से बड़ी उम्र की वृद्ध महिलाओं (जैसे सास, ननद, या अन्य बुजुर्ग) के पैर छूकर आशीर्वाद लेती हैं। यह एक पारंपरिक प्रथा है जो सम्मान और स्नेह व्यक्त करने का एक तरीका है, और माना जाता है कि इससे सुहागिन महिलाओं को अंखड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मिलता है।
रैगर चौपाल के खचाखच भरे हाल मे आने वाली सभी महिलाओ का पंचायत की मंत्री सुश्री योगेश्वरी पीपलीवाल द्वारा स्वागत किया गया। परम्परागत विभिन्न राजस्थानी परिधानो मे महिलाये आयी, सभी ने मिलकर तीज खेली व राजस्थानी गीत संगीत पर मिलकर नृत्य कर खुशी जाहिर की । महिलाओं के लिए विशेष उत्सव होने के कारण इसमें केवल महिलाएँ ही सम्मिलित हुई और विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया।

हरियाली तीज उत्सव मेले में पारंपरिक वस्तुओं, मनुहारी व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए थे । मेले में पूरी तरह से महिलाओं को पारंपरिक उत्सव अहसास हुआ, जिसमें विभिन्न प्रकार के हाट बाज़ार और सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन भी देखने को मिले, जिनमें बहुत मनोरंजन होता है । यह उत्सव प्रकृति के प्रति प्रेम और सम्मान का भी प्रतीक है। कार्यक्रम में सभी के लिये विशेष तौर पर विभिन्न व्यंजन व भोजन की भी व्यवस्था थी ।
कार्यक्रम के अंत में दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत के प्रधान रामजी लाल बोकोलिया ने आयोजन टीम और उपस्थित महिलाओ का आभार व धन्यवाद व्यक्त किया।